कल्कि नगरी सम्भल में आपका स्वागत है ।             कल्कि नगरी सम्भल में आपका स्वागत है ।             कल्कि नगरी सम्भल में आपका स्वागत है ।
     
     
  युगावतार भगवान श्री कल्कि  
  सम्भल: भगवान के निष्कलंक अवतार की जन्म भूमि  
  भगवान के अवतार का विधान और श्री कल्कि भक्ति  
  श्री कल्कि वाणी  
  श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल) - एक परिचय  
  श्री कल्कि नाम की क्रान्ति  
  प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मन्दिर - सम्भल  
  श्री कल्कि जयन्ती महोत्सव - सम्भल  
  सम्पर्क करें  
  कुलदीप कुमार गुप्ता राद्गटृीय अध्यक्ष श्री कल्कि सेना ; निद्गकलंक दल  
 
 
कल्कि महामंत्र् यहॉ से आरम्भ और समाप्त
करें
 
     
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
 



1.   श्री हरि कथा अनन्त है, कल्कि नाम अनमोल ।
जीवन सफल हो जायेगा, जय श्री कल्कि बोल ।। 


2.   भक्त जनों की आस हैं कल्कि ।
जन - जन का विश्वास हैं कल्कि ।।


3 .  दिव्य गुफा में बैठ वैष्णवीं , करती बाट निहार ।
कब आयेंगे श्री नारायण , ले कल्कि अवतार ।।


4.   धर्म की रक्षा करने को, युग युग में जिसने अवतार लिया ।
उन्हीं श्री नारायण ने कल्कि रुप को धार लिया ।।



5.   सम्भल नगरी का मान बढाने वाला ।
कलियुग में श्री कल्कि का अवतार है होने वाला ।।



6.   हे भक्तों तुम करो पुकार ।
शीघ्र ही होगा कल्कि अवतार ।।


7.   दसों दिशाओं सावधान !
आ रहे हैं श्री कल्कि भगवान ।।


8.   आसुरी शक्तियों होश में आओ ।
श्री कल्कि से मत टकराओ ।।


9.   इस धरती पर गौ माता का , जिसने भी खून बहाया है ।
श्री कल्कि जी के कोप का उस पर , पड़ने वाला साया है ।।


10.   लहरायेगी जब रण में , श्री कल्कि की तलवार ।
सभी अर्धमियों का पल में , हो जायेगा संहार ।।



11.   गौ हिंसकों के खून से , यह धरती रंगने वाली है ।
श्री कल्कि की तलवार से , कयामत आने वाली है ।।


12.   भरत माता का मान बढ़ाने , विश्व में धर्म ध्वजा फहराने ।
आते हैं सदा श्री कल्कि , अपने भक्तों को दर्श दिखाने ।।


13.   देश धर्म की हानि अब बर्दाश्त नहीं होगी ।
बिना शक्ति के संधान किये अब बात नहीं होगी ।।


14.   श्री कल्कि के अवतार से , जगत होगा उजियारा ।
विश्व गुरु की पदवी पे , भारत बैठेगा दोबारा ।।


15.   सत्य सनातन धर्म की सहिष्णुता , जब दुनिया समझ न पाती है ।
श्री कल्कि की तलवार की शक्ति , उन्हें धर्म सिखलाती है ।।


16.   भारत माता का करने को सम्मान ।
युवा जगायें अपना स्वाभिमान ।।



17.   श्री कल्कि नाम ही इस सम्भल का मान बढ़ायेगा ।
श्री कल्कि कल्कि कहने से ही , विश्व पटल पर छायेगा ।।




प्रकाशन अधिकृत © 2011 कल्कि सेना
टैकअस्ट्रम द्वारा विकसित